कदम बड़ाकर पथ पर प्रतिदिन बढ़ते रहना आगे तुम
छूट चला जो पीछे उनको याद ना करना आगे तुम

स्वर्णिम स्वप्नो पर नज़र गड़ाए आगे बढ़ते जाओ तुम
पड़े बीच मे दिक्कत जो भी हिम्मत से उसे हटाओ तुम

बढ़ते रहना पथ पर जब तक मंज़िल ना अपनी पाओ तुम
यही कामना अरविंद की सावको, जीवन को सफल बनाओ तुम.

अरविंद कुमार भारद्वाज

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